Microservices explained - the What, Why and How?
What You Will Learn
- माइक्रोसervices आर्किटेक्चर के फायदे और नुकसान को समझना
- मोनोरेपो और पॉलीरेपो के बीच अंतर और उनकी विशेषताओं को जानना
- माइक्रोसेवाओं के बीच संचार के विभिन्न तरीकों को समझना
Key Concepts
माइक्रोसेवाओं का अर्थ है एक बड़े एप्लिकेशन को कई छोटे और स्वतंत्र एप्लिकेशन में विभाजित करना। मोनोलिथिक आर्किटेक्चर में, सभी घटक एक ही इकाई का हिस्सा होते हैं, जबकि माइक्रोसेवाओं में प्रत्येक सेवा स्वतंत्र रूप से विकसित, तैनात और स्केल की जा सकती है। माइक्रोसेवाओं के बीच संचार के लिए API कॉल, मैसेज ब्रोकर और सर्विस मेश जैसे विभिन्न तरीके होते हैं। मोनोरेपो और पॉलीरेपो दो तरीके हैं जिनका उपयोग माइक्रोसेवाओं के लिए कोड प्रबंधन के लिए किया जा सकता है।
Code Examples
दुर्भाग्य से, इस पाठ में कोई कोड स्निपेट नहीं है जो विशिष्ट कोड उदाहरण प्रदान करता हो।
Lesson Summary
इस पाठ में, हमने माइक्रोसेवाओं की मूल बातें सीखीं। हमने देखा कि मोनोलिथिक आर्किटेक्चर के साथ समस्याएं क्या थीं और माइक्रोसेवाओं ने उन समस्याओं का समाधान कैसे किया। हमने माइक्रोसेवाओं के बीच संचार के विभिन्न तरीकों के बारे में भी सीखा, जैसे कि API कॉल, मैसेज ब्रोकर और सर्विस मेश। इसके अलावा, हमने मोनोरेपो और पॉलीरेपो के बारे में सीखा, जो माइक्रोसेवाओं के लिए कोड प्रबंधन के लिए दो तरीके हैं। हमने देखा कि प्रत्येक तरीके के अपने फायदे और नुकसान होते हैं और यह कि कौन सा तरीका कब उपयुक्त हो सकता है। इस पाठ के माध्यम से, हमें माइक्रोसेवाओं के बारे में एक अच्छी समझ मिली और हमें यह जानने में मदद मिली कि वे वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान कैसे कर सकते हैं।
Practice Exercise
एक ऑनलाइन शॉपिंग एप्लिकेशन के लिए माइक्रोसेवाओं की एक सूची बनाएं जो आप बना सकते हैं। प्रत्येक माइक्रोसेवा के लिए, यह निर्धारित करें कि यह क्या कार्य करेगी और यह अन्य माइक्रोसेवाओं के साथ कैसे संवाद करेगी।
What Is Next
अगले पाठ में, हम माइक्रोसेवाओं के लिए सीआई/सीडी पाइपलाइन के बारे में सीखेंगे और देखेंगे कि कैसे हम माइक्रोसेवाओं को tự động रूप से तैनात और परीक्षण कर सकते हैं।